गोपाल रत्न पुरस्कार
- डेयरी क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार,
- उमंग प्लेटफॉर्म के साथ ई- गोपाला ऐप के एकीकरण
- पिछले 6 वर्षों के दौरान दुग्ध उत्पादन 6.3 प्रतिशतप्रति वर्ष की औसत वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ा है
- डेयरी क्षेत्र 8 करोड़ से अधिक डेयरी किसानों की आजीविका का स्रोत
- हर साल पहली जून को विश्व दुग्ध दिवस के रूप में मनाया जाता।
- डेयरी क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार,
- उमंग प्लेटफॉर्म के साथ ई- गोपाला ऐप के एकीकरण
- पिछले 6 वर्षों के दौरान दुग्ध उत्पादन 6.3 प्रतिशतप्रति वर्ष की औसत वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ा है
- डेयरी क्षेत्र 8 करोड़ से अधिक डेयरी किसानों की आजीविका का स्रोत
- हर साल पहली जून को विश्व दुग्ध दिवस के रूप में मनाया जाता।
डेयरी क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार, गोपाल रत्न पुरस्कार शुरू करने की घोषणा की।
जिसकी तीन श्रेणियां हैं-
- सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान,
- सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन (एआईटी)
- सर्वश्रेष्ठ डेयरी सहकारी / दुग्ध उत्पादक कंपनी / एफपीओ।
ई-गोपाला ऐप (उत्पादक पशुधन के माध्यम से धन का सृजन) एक व्यापक नस्ल सुधार बाज़ार और किसानों के प्रत्यक्ष उपयोग के लिए सूचना पोर्टल 10 सितंबर 2020 को लॉन्च किया गया था।
- 2019-20 के दौरान 198.4 मिलियन टन दूध का उत्पादन किया। 2018-19 के दौरान दूध के उत्पादन का मूल्य वर्तमान कीमतों पर 7.72 लाख करोड़ रुपये से अधिक है जो गेहूं और धान के कुल उत्पादन के मूल्य से भी अधिक है।
- पिछले 6 वर्षों के दौरान दुग्ध उत्पादन 6.3 प्रतिशतप्रति वर्ष की औसत वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ा है, जबकि विश्व दुग्ध उत्पादन 1.5 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से बढ़ रहा है।
- दूध की प्रति व्यक्ति उपलब्धता 2013-14 में जहां 307 ग्राम थी बढ़कर 2019-2020 में 406 ग्राम प्रति व्यक्ति प्रति दिन हो गई है जो कि 32.24 प्रतिशत की वृद्धि है।
- क्षेत्र 8 करोड़ से अधिक डेयरी किसानों को आजीविका प्रदान करता है इसमें मुख्य रूप से छोटे और सीमांत और भूमिहीन किसानहैl देश की डेयरी सहकारी समितियों को अपनी बिक्री का औसतन पचहत्तर प्रतिशत किसानों को प्रदान करती है और 2 करोड़ से अधिक डेयरी किसान डेयरी सहकारी समितियों में संगठित हुए और 1.94 लाख डेयरी सहकारी समितियां दूध गांवों से दूध एकत्र कर रही हैं।
https://agri-geography.blogspot.com/2021/06/milk-production-india.html
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